उफ्फ ये सर्दी,,, कम्बल और रज़ाई में बैठने का मज़ा, कहीँ ठिठुरते हुए सड़को पर साइड में वाक् करना, आखिरकार सर्दी का भी अपना मज़ा होता है, पर ये बीतने भी वाली है, और धीरे धीरे दिल्ली की सर्दी का मुहावरा, दिल्ली की गर्मी में बदल जाएगा| फिर दिल्ली वाले अपने पास वाले कश्मीर का रुख करेंगे, अरे वही अपना देहरादून, उत्तराखंड| चलो इसी बहाने हम एडवांस में समर हॉलिडे का प्लान तैयार कर आपको बता देते हैं| देहरादून की बात चलेगी तो मेरी नज़र के कुछ ख़ास टूरिस्ट स्पॉट का इलेबोरेशन आपके लिए कर ही देते हैं|

  1. ट्रिप टू उत्तराखंड

अगर पिछले दिनों की बात की जाए तो दिल्ली का भारी ट्रैफिक देखते हुए हम भोर छूटते ही घर से निकल पड़े थे, और फिर शहर पार करते ही मंद मंद हिचकोले वाला सुहावना सफर शुरू हुआ, वैसे डेस्टिनेशन तक पहुचने के बीच का सफर भी कभी कभी डेस्टिनेशन पर पहुचने से ज़्यादा मज़ा दे जाता है, हाँ पर ड्राइविंग कर रहे व्यक्ति का फोकस नहीं बहकना चाहिए, क्योंकि वन वे रोड पर अच्छी सावधानी बरतनी पड़ती है|और जब पसीने भरी धूंप में कार की खुली खिड़की से हलकी हलकी ठंडी हवा आनी शुरू हो जाए तो समझो आपका देहरादून के राजपुर रोड में प्रवेश हो चुका है|

2. एफ.आर.आई (फारेस्ट रिसर्च इंस्टिट्यूट)

फारेस्ट रिसर्च इंस्टिट्यूट एक बड़ा आकर्षक टूरिस्ट प्लेस और एशिया का सबसे बड़ा वन्य जीवन पर रिसर्च  करने का केंद्र है, यहाँ पर स्टूडेंट पढ़ते और रिसर्च करते हैं, पर बाकी लोगो के लिए भी ये खुला है और यहां आकर कोई शान्ति से पेड़ो के नीचे बैठ भव्य ऍफ़.आर.आई बिल्डिंग को देखने का आनंद ले सकता है, यहाँ पर मियुज़ियम भी हैं, जिसमे जाकर आप सेंकडो साल पुराने पेड़ो के अवशेष इत्यादि देख सकते हैं|

3. सहस्त्रधारा

सुबह की शुरुआत हमने ऍफ़.आर.आई में घूमकर और वह की कैंटीन में नाश्ता करके की, पर सहस्त्रधारा जाने का एक्साइटमेंट तो अभी उमड़ ही रहा था, और हमने गाडी घुमाई मैप चालु किया और सहस्त्रधारा की और निकल पड़े| जिसको पहाड़ियों पर ज़्यादा ऊंचा जाने में थोड़ा डर लगता हो पर मन भी करता हो तो वह सहस्त्रधारा को जाती हुई छोटी छोटी पहाड़ियों का लुत्फ़ उठा सकता है, पर असल गर्मी तो सहस्त्रधारा की फुहार की नीचे बैठकर ही निकलती है, और थोड़े गहरे पानी में गोते लगाकर पूरी ताज़गी ली जा सकती है, हाँ इस भरी सर्दी में पानी में गोते लगाने को ताज़गी कहा जाना आपको हज़म नहीं हो रहा होगा पर इसी ब्लॉग को आप भरी जून में दोबारा देखना, फिर आप मेरे हाथ चूमने आएंगे| मेरे लिए तो ये सर्दी में कूलर का धंधा करने जैसा है|

4. सहस्त्रधारा वाया सहस्त्रधारा रोड

आखिरकार मेने पहले ही कहा थी की मंज़िल पे पहुचने से ज़्यादा मंज़िल की ओर चलने की मचलाहट होती है, तो सहस्त्रधारा तो आप निकलेंगे पर उसके रास्ते की एक्साइटमेंट आप नहीं भूलेंगे, वो घुमते घुमते रास्ते ओर  वादियो की बीचो में से निकलना, जैसे जन्नत से मिलके आ रहे हैं|

5. सिटी भ्रमण

हाँ अगर बाइक पर हैं, तो उसका आनंद यहाँ पर सैर करने मे अलग ही है, पर अगर नहीं भी है तो बाइक यहाँ  पर रेंट में मिल जायेगी, 300 से 500 रूपए प्रतिदिन के हिसाब से|

6. राजपुर रोड की ढलान

अगर बाइक रेंट पर ले ही ली है तो उसका रेंट आप वसूल नहीं पाएंगे जब तक के आप राजपुर में ऊपर तक जाकर बाइक का इंजन ऑफ कर नीचे शहर की तरफ लगभग 7 किलो मीटर तक बाइक नहीं लाएंगे, यहाँ मज़े की बात तो ये है की ऊंचाई से 1 किलो मीटर बाद पूरा रोड समतल पर ही है, पर थोड़ा सा स्लोप होने  की वजह से बाइक बिना इंजन स्टार्ट किये दौड़ती जाती है ओर देखने वाले को अजूबा लगता है|

7. पलटन बाज़ार

घूमने फिरने के बाद शाम को अगर शॉपिंग करने का ख्याल है तो देहरादून मेन चौक मतलब घंटाघर पर स्थित पलटन बाजार आपके लिए ही है, यहाँ छोटा बड़ा हर तरह का सामान मिलता है, क्राफ्ट्स, कपडे, शूज़, इत्यादि| और हाँ, खाने पीने का भी|

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